न चास्या वेदनां चक्रे गदापातोऽल्पिकामपि । तस्याहतस्य देहात्तु बहु सुस्राव शोणितम् ॥ ५८ ॥
na chāsyā vedanāṁ chakre gadāpāto’lpikāmapi tasyāhatasya dehāttu bahu susrāva śhoṇitam
हिंदी अर्थ
पर उस गदा-प्रहार से देवी को तनिक भी पीड़ा नहीं हुई। उसके घायल शरीर से बहुत-सा रक्त बहा,
भावार्थ
देवी पर उसका आक्रमण व्यर्थ है।
