Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 58

रक्तबीजवध

न चास्या वेदनां चक्रे गदापातोऽल्पिकामपि । तस्याहतस्य देहात्तु बहु सुस्राव शोणितम् ॥ ५८ ॥

na chāsyā vedanāṁ chakre gadāpāto’lpikāmapi tasyāhatasya dehāttu bahu susrāva śhoṇitam

हिंदी अर्थ

पर उस गदा-प्रहार से देवी को तनिक भी पीड़ा नहीं हुई। उसके घायल शरीर से बहुत-सा रक्त बहा,

भावार्थ

देवी पर उसका आक्रमण व्यर्थ है।