Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 56

रक्तबीजवध

भक्ष्यमाणास्त्वया चोग्रा न चोत्पत्स्यन्ति चापरे । इत्युक्त्वा तां ततो देवी शूलेनाभिजघान तम् ॥ ५६ ॥

bhakṣhyamāṇāstvayā chogrā na chotpatsyanti chāpare ityuktvā tāṁ tato devī śhūlenābhijaghāna tam

हिंदी अर्थ

जब तुम इन भयंकर दैत्यों को खा जाओगी, तब दूसरे उत्पन्न नहीं होंगे।" काली से यों कहकर देवी ने शूल से उसे मारा।

भावार्थ

गीता प्रेस बताता है कि कहीं-कहीं यहाँ "ऋषिरुवाच" जोड़ा जाता है।