ते चापि युयुधुस्तत्र पुरुषा रक्तसम्भवाः । समं मातृभिरत्युग्रशस्त्रपातातिभीषणम् ॥ ४५ ॥
te chāpi yuyudhustatra puruṣhā raktasambhavāḥ samaṁ mātṛibhiratyugraśhastrapātātibhīṣhaṇam
हिंदी अर्थ
और रक्त से उत्पन्न वे पुरुष भी वहाँ मातृकाओं के साथ अत्यंत भयंकर अस्त्र-शस्त्रों के प्रहार से घोर युद्ध करने लगे।
भावार्थ
माताएँ अब ऐसी सेना का सामना कर रही हैं जो हर प्रहार से बढ़ती है।
