Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 40

रक्तबीजवध

पलायनपरान् दृष्ट्वा दैत्यान् मातृगणार्दितान् । योद्धुमभ्याययौ क्रुद्धो रक्तबीजो महासुरः ॥ ४० ॥

palāyanaparān dṛiṣhṭvā daityān mātṛigaṇārditān yoddhumabhyāyayau kruddho raktabījo mahāsuraḥ

हिंदी अर्थ

मातृगणों से पीड़ित दैत्यों को भागते देख महादैत्य रक्तबीज क्रोध में भरकर युद्ध करने आया।

भावार्थ

"रक्तबीज" (रक्त का बीज) आता है: अब तक का सबसे खतरनाक शत्रु।