कमण्डलुजलाक्षेपहतवीर्यान् हतौजसः । ब्रह्माणी चाकरोच्छत्रून् येन येन स्म धावति ॥ ३३ ॥
kamaṇḍalujalākṣhepahatavīryān hataujasaḥ brahmāṇī chākarochchhatrūn yena yena sma dhāvati
हिंदी अर्थ
और ब्रह्माणी जिस-जिस ओर दौड़तीं, अपने कमंडलु का जल छिड़ककर शत्रुओं के बल और तेज को नष्ट कर देती थीं।
भावार्थ
हर मातृका अपने ढंग से लड़ती है: ब्रह्माणी शस्त्रों से नहीं, पवित्र जल से।
