Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 25

रक्तबीजवध

ब्रूहि शुम्भं निशुम्भं च दानवावतिगर्वितौ । ये चान्ये दानवास्तत्र युद्धाय समुपस्थिताः ॥ २५ ॥

brūhi śhumbhaṁ niśhumbhaṁ cha dānavāvatigarvitau ye chānye dānavāstatra yuddhāya samupasthitāḥ

हिंदी अर्थ

उन अत्यंत गर्वीले दानवों शुम्भ और निशुम्भ से, और वहाँ युद्ध के लिए उपस्थित अन्य दानवों से भी कहिए:

भावार्थ

संदेश असुरों को एक अंतिम अवसर देगा।