यस्य देवस्य यद्रूपं यथाभूषणवाहनम् । तद्वदेव हि तच्छक्तिरसुरान् योद्धुमाययौ ॥ १४ ॥
yasya devasya yadrūpaṁ yathābhūṣhaṇavāhanam tadvadeva hi tachchhaktirasurān yoddhumāyayau
हिंदी अर्थ
जिस देवता का जैसा रूप, जैसी वेशभूषा और जैसा वाहन था, ठीक वैसे ही उसकी शक्ति असुरों से युद्ध करने आई।
भावार्थ
मातृकाएँ अपने देवताओं का ठीक-ठीक प्रतिबिंब हैं। यही अनेक मंदिरों में मिलने वाली सप्तमातृकाओं की मूर्ति-कला का आधार बना।
