Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 13

रक्तबीजवध

ब्रह्मेशगुहविष्णूनां तथेन्द्रस्य च शक्तयः । शरीरेभ्यो विनिष्क्रम्य तद्रूपैश्चण्डिकां ययुः ॥ १३ ॥

brahmeśhaguhaviṣhṇūnāṁ tathendrasya cha śhaktayaḥ śharīrebhyo viniṣhkramya tadrūpaiśhchaṇḍikāṁ yayuḥ

हिंदी अर्थ

ब्रह्मा, शिव, गुह (कार्तिकेय), विष्णु और इन्द्र की शक्तियाँ उनके शरीरों से निकलकर उन्हीं के रूप में चण्डिका के पास गईं।

भावार्थ

हर देवता की शक्ति, उसकी स्त्री-रूप ऊर्जा, युद्ध के लिए प्रकट होती है। देवी अकेली नहीं: हर देवता की शक्ति उनके साथ खड़ी है।