Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 11

रक्तबीजवध

तं निनादमुपश्रुत्य दैत्यसैन्यैश्चतुर्दिशम् । देवी सिंहस्तथा काली सरोषैः परिवारिताः ॥ ११ ॥

taṁ ninādamupaśhrutya daityasainyaiśhchaturdiśham devī siṁhastathā kālī saroṣhaiḥ parivāritāḥ

हिंदी अर्थ

उस नाद को सुनकर दैत्यों की सेनाओं ने चारों ओर से आकर क्रोधपूर्वक देवी, सिंह और काली को घेर लिया।

भावार्थ

असुर तीनों को घेर लेते हैं। इसी क्षण देवताओं से सहायता आती है।