भ्रुकुटीकुटिलात्तस्या ललाटफलकाद्द्रुतम् । काली करालवदना विनिष्क्रान्तासिपाशिनी ॥ ६ ॥
bhrukuṭīkuṭilāttasyā lalāṭaphalakāddrutam kālī karālavadanā viniṣhkrāntāsipāśhinī
हिंदी अर्थ
टेढ़ी भौंहों वाले उनके ललाट से तुरंत विकराल मुख वाली काली प्रकट हुईं, जो तलवार और पाश लिए थीं।
भावार्थ
काली देवी की टेढ़ी भौंहों से जन्म लेती हैं: वे देवी का अपना कोप हैं, जिसे अपना एक रूप मिला है। यह हिंदू साहित्य में काली की सबसे महत्वपूर्ण उद्भव-कथाओं में से एक है।
