Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 7, श्लोक 3

चण्डमुण्डवध

ददृशुस्ते ततो देवीमीषद्धासां व्यवस्थिताम् । सिंहस्योपरि शैलेन्द्रशृङ्गे महति काञ्चने ॥ ३ ॥

dadṛiśhuste tato devīmīṣhaddhāsāṁ vyavasthitām siṁhasyopari śhailendraśhṛiṅge mahati kāñchane

हिंदी अर्थ

तब उन्होंने गिरिराज हिमालय के विशाल स्वर्णिम शिखर पर सिंह पर बैठी, मंद-मंद मुस्कराती देवी को देखा।

भावार्थ

"ईषद्धासा" (मंद-मंद मुस्कराती): सेना के आने पर भी वे पूरी तरह शांत हैं।