ददृशुस्ते ततो देवीमीषद्धासां व्यवस्थिताम् । सिंहस्योपरि शैलेन्द्रशृङ्गे महति काञ्चने ॥ ३ ॥
dadṛiśhuste tato devīmīṣhaddhāsāṁ vyavasthitām siṁhasyopari śhailendraśhṛiṅge mahati kāñchane
हिंदी अर्थ
तब उन्होंने गिरिराज हिमालय के विशाल स्वर्णिम शिखर पर सिंह पर बैठी, मंद-मंद मुस्कराती देवी को देखा।
भावार्थ
"ईषद्धासा" (मंद-मंद मुस्कराती): सेना के आने पर भी वे पूरी तरह शांत हैं।
