Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 7, श्लोक 23

चण्डमुण्डवध

शिरश्चण्डस्य काली च गृहीत्वा मुण्डमेव च । प्राह प्रचण्डाट्टहासमिश्रमभ्येत्य चण्डिकाम् ॥ २३ ॥

śhiraśhchaṇḍasya kālī cha gṛihītvā muṇḍameva cha prāha prachaṇḍāṭṭahāsamiśhramabhyetya chaṇḍikām

हिंदी अर्थ

चण्ड और मुण्ड के सिर लेकर काली चण्डिका के पास आईं और प्रचण्ड अट्टहास के साथ बोलीं:

भावार्थ

काली सिरों को भेंट के रूप में देवी के पास लाती हैं।