हतशेषं ततः सैन्यं दृष्ट्वा चण्डं निपातितम् । मुण्डं च सुमहावीर्यं दिशो भेजे भयातुरम् ॥ २२ ॥
hataśheṣhaṁ tataḥ sainyaṁ dṛiṣhṭvā chaṇḍaṁ nipātitam muṇḍaṁ cha sumahāvīryaṁ diśho bheje bhayāturam
हिंदी अर्थ
चण्ड और महापराक्रमी मुण्ड को गिरा देख बची हुई सेना भय से व्याकुल होकर चारों ओर भाग गई।
भावार्थ
अपने सेनानायकों के बिना बचे हुए सैनिक बिखर जाते हैं।
