अथ मुण्डोऽभ्यधावत्तां दृष्ट्वा चण्डं निपातितम् । तमप्यपातयद्भूमौ सा खड्गाभिहतं रुषा ॥ २१ ॥
atha muṇḍo’bhyadhāvattāṁ dṛiṣhṭvā chaṇḍaṁ nipātitam tamapyapātayadbhūmau sā khaḍgābhihataṁ ruṣhā
हिंदी अर्थ
तब चण्ड को गिरा देख मुण्ड उनकी ओर दौड़ा, और उन्होंने रोष से उसे भी तलवार से घायल करके धरती पर गिरा दिया।
भावार्थ
दोनों सेनानायक गिरते हैं।
