या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥ ५०-५२ ॥
yā devī sarvabhūteṣhu śhraddhārūpeṇa saṁsthitā namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ
हिंदी अर्थ
जो देवी सब प्राणियों में श्रद्धा रूप से स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, बार-बार नमस्कार।
भावार्थ
"श्रद्धा", जिसके बारे में गीता (17.3) कहती है कि वही व्यक्ति को बनाती है।
