या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥ २०-२२ ॥
yā devī sarvabhūteṣhu buddhirūpeṇa saṁsthitā namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ
हिंदी अर्थ
जो देवी सब प्राणियों में बुद्धि रूप से स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, बार-बार नमस्कार।
भावार्थ
"बुद्धि", समझने और निर्णय करने की शक्ति। यहाँ से हर पद "...रूपेण संस्थिता" (...के रूप में स्थित) के ढर्रे पर है।
