या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥ १७-१९ ॥
yā devī sarvabhūteṣhu chetanetyabhidhīyate namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ
हिंदी अर्थ
जो देवी सब प्राणियों में चेतना कहलाती हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, बार-बार नमस्कार।
भावार्थ
"चेतना", स्वयं चैतन्य। हर जीव में जो जागरूकता है, वह देवी हैं।
