Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 42

महिषासुरवध

अर्धनिष्क्रान्त एवासौ युध्यमानो महासुरः । तया महासिना देव्या शिरश्छित्त्वा निपातितः ॥ ४२ ॥

ardhaniṣhkrānta evāsau yudhyamāno mahāsuraḥ tayā mahāsinā devyā śhiraśhchhittvā nipātitaḥ

हिंदी अर्थ

आधा निकला होने पर भी वह महादैत्य लड़ता रहा, तब देवी ने बड़ी तलवार से उसका सिर काटकर उसे गिरा दिया।

भावार्थ

महिषासुर मारा जाता है। गीता प्रेस बताता है कि कुछ प्रतियों में यहाँ श्लोक और हैं, जो तीनों लोकों के "जय!" पुकारने का वर्णन करते हैं।