Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 22

महिषासुरवध

कांश्चित्तुण्डप्रहारेण खुरक्षेपैस्तथापरान् । लाङ्गूलताडितांश्चान्याञ्छृङ्गाभ्यां च विदारितान् ॥ २२ ॥

kāṁśhchittuṇḍaprahāreṇa khurakṣhepaistathāparān lāṅgūlatāḍitāṁśhchānyāñchhṛiṅgābhyāṁ cha vidāritān

हिंदी अर्थ

किन्हीं को थूथन से मारकर, दूसरों पर खुरों से प्रहार करके, कुछ को पूँछ से चोट पहुँचाकर, और कुछ को सींगों से फाड़कर,

भावार्थ

भैंसा अपने शरीर के हर अंग को शस्त्र बना लेता है। चित्र कच्ची, अनियंत्रित शक्ति का है।