Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 51

महिषासुरसैन्यवध

मुमोचासुरदेहेषु शस्त्राण्यस्त्राणि चेश्वरी । सोऽपि क्रुद्धो धुतसटो देव्या वाहनकेशरी ॥ ५१ ॥

mumochāsuradeheṣhu śhastrāṇyastrāṇi cheśhvarī so’pi kruddho dhutasaṭo devyā vāhanakeśharī

हिंदी अर्थ

ईश्वरी ने असुरों के शरीरों पर अस्त्र-शस्त्र चलाए। उनका वाहन सिंह भी क्रोध से अयाल हिलाता हुआ

भावार्थ

सिंह केवल वाहन नहीं, योद्धा है। गीता प्रेस यहाँ "केशरी" को तालव्य "श" से लिखता है और 6.17 में इस प्रयोग पर टिप्पणी देता है।