Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 36

महिषासुरसैन्यवध

सन्नद्धाखिलसैन्यास्ते समुत्तस्थुरुदायुधाः । आः किमेतदिति क्रोधादाभाष्य महिषासुरः ॥ ३६ ॥

sannaddhākhilasainyāste samuttasthurudāyudhāḥ āḥ kimetaditi krodhādābhāṣhya mahiṣhāsuraḥ

हिंदी अर्थ

अपनी सारी सेना को सुसज्जित करके आयुध उठाए खड़े हो गए। "आह! यह क्या है?" क्रोध से महिषासुर बोला,

भावार्थ

"आः! यह क्या है?" उस अहंकारी का आश्चर्य है जिसने कभी चुनौती की अपेक्षा नहीं की थी।