Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 13, श्लोक 21

सुरथवैश्ययोर्वरप्रदान

हत्वा रिपूनस्खलितं तव तत्र भविष्यति ॥ २१ ॥

hatvā ripūnaskhalitaṁ tava tatra bhaviṣhyati

हिंदी अर्थ

शत्रुओं को मारकर वहाँ तुम्हारा राज्य स्थिर रहेगा।

भावार्थ

"अस्खलितम्", स्थिर: इस बार वे इसे नहीं खोएँगे।