Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 13, श्लोक 20

सुरथवैश्ययोर्वरप्रदान

स्वल्पैरहोभिर्नृपते स्वं राज्यं प्राप्स्यते भवान् ॥ २० ॥

svalpairahobhirnṛipate svaṁ rājyaṁ prāpsyate bhavān

हिंदी अर्थ

"राजन्! तुम थोड़े ही दिनों में अपना राज्य प्राप्त कर लोगे।

भावार्थ

सुरथ को देवी के वरदान (20–23), हर एक एक पंक्ति में।