स्वल्पैरहोभिर्नृपते स्वं राज्यं प्राप्स्यते भवान् ॥ २० ॥
svalpairahobhirnṛipate svaṁ rājyaṁ prāpsyate bhavān
हिंदी अर्थ
"राजन्! तुम थोड़े ही दिनों में अपना राज्य प्राप्त कर लोगे।
भावार्थ
सुरथ को देवी के वरदान (20–23), हर एक एक पंक्ति में।
सुरथवैश्ययोर्वरप्रदान
स्वल्पैरहोभिर्नृपते स्वं राज्यं प्राप्स्यते भवान् ॥ २० ॥
svalpairahobhirnṛipate svaṁ rājyaṁ prāpsyate bhavān
"राजन्! तुम थोड़े ही दिनों में अपना राज्य प्राप्त कर लोगे।
सुरथ को देवी के वरदान (20–23), हर एक एक पंक्ति में।