Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 13, श्लोक 22

सुरथवैश्ययोर्वरप्रदान

मृतश्च भूयः सम्प्राप्य जन्म देवाद्विवस्वतः ॥ २२ ॥

mṛitaśhcha bhūyaḥ samprāpya janma devādvivasvataḥ

हिंदी अर्थ

फिर मृत्यु के पश्चात् तुम भगवान विवस्वान (सूर्य) से जन्म लेकर

भावार्थ

दूसरा वरदान: भावी जन्म।