रिपवः संक्षयं यान्ति कल्याणं चोपपद्यते । नन्दते च कुलं पुंसां माहात्म्यं मम शृण्वताम् ॥ १५ ॥
ripavaḥ saṁkṣhayaṁ yānti kalyāṇaṁ chopapadyate nandate cha kulaṁ puṁsāṁ māhātmyaṁ mama śhṛiṇvatām
हिंदी अर्थ
मेरे माहात्म्य को सुनने वाले पुरुषों के शत्रु नष्ट हो जाते हैं, उन्हें कल्याण प्राप्त होता है और उनका कुल आनंदित रहता है।
भावार्थ
आशीर्वाद पूरे कुल तक पहुँचते हैं।
