तदा तदावतीर्याहं करिष्याम्यरिसंक्षयम् ॥ ५५ ॥
tadā tadāvatīryāhaṁ kariṣhyāmyarisaṁkṣhayam
हिंदी अर्थ
तब-तब अवतार लेकर मैं शत्रुओं का संहार करूँगी।"
भावार्थ
"यदा यदा ... तदा तदा" (जब-जब ... तब-तब): वही वचन जो भगवद्गीता 4.7–8 में श्रीकृष्ण देते हैं, यहाँ देवी के मुख से। एक अर्धश्लोक से अध्याय समाप्त होता है।
