भ्रामरीति च मां लोकास्तदा स्तोष्यन्ति सर्वतः । इत्थं यदा यदा बाधा दानवोत्था भविष्यति ॥ ५४ ॥
bhrāmarīti cha māṁ lokāstadā stoṣhyanti sarvataḥ itthaṁ yadā yadā bādhā dānavotthā bhaviṣhyati
हिंदी अर्थ
तब सब लोग चारों ओर "भ्रामरी" नाम से मेरी स्तुति करेंगे। इस प्रकार जब-जब दानवों से बाधा उपस्थित होगी,
भावार्थ
"भ्रामरी", भ्रमरों वाली देवी। यहाँ से अंतिम वचन शुरू होता है।
