Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 11, श्लोक 52

देव्याः स्तुति (नारायणी स्तुति)

भीमा देवीति विख्यातं तन्मे नाम भविष्यति । यदारुणाख्यस्त्रैलोक्ये महाबाधां करिष्यति ॥ ५२ ॥

bhīmā devīti vikhyātaṁ tanme nāma bhaviṣhyati yadāruṇākhyastrailokye mahābādhāṁ kariṣhyati

हिंदी अर्थ

तब मेरा नाम "भीमा देवी" के रूप में विख्यात होगा। जब अरुण नामक दैत्य तीनों लोकों में भारी उपद्रव मचाएगा,

भावार्थ

"भीमा", भयंकर। श्लोक 52–53 एक ही वाक्य हैं।