गृहीतोग्रमहाचक्रे दंष्ट्रोद्धृतवसुन्धरे । वराहरूपिणि शिवे नारायणि नमोऽस्तु ते ॥ १७ ॥
gṛihītogramahāchakre daṁṣhṭroddhṛitavasundhare varāharūpiṇi śhive nārāyaṇi namo’stu te
हिंदी अर्थ
भयानक महाचक्र हाथ में लेने वाली और दाढ़ों पर धरती को उठाने वाली वाराही रूपा कल्याणमयी नारायणि! तुम्हें नमस्कार है।
भावार्थ
वाराही, वराह अवतार की शक्ति, जिन्होंने पृथ्वी को समुद्र से उठाया।
