Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 30

शुम्भवध

ततो देवगणाः सर्वे हर्षनिर्भरमानसाः । बभूवुर्निहते तस्मिन् गन्धर्वा ललितं जगुः ॥ ३० ॥

tato devagaṇāḥ sarve harṣhanirbharamānasāḥ babhūvurnihate tasmin gandharvā lalitaṁ jaguḥ

हिंदी अर्थ

तब उसके मारे जाने पर सब देवगणों के हृदय हर्ष से भर गए, और गंधर्व मधुर गीत गाने लगे।

भावार्थ

स्वर्ग उत्सव मनाता है।