Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 20

शुम्भवध

स मुष्टिं पातयामास हृदये दैत्यपुङ्गवः । देव्यास्तं चापि सा देवी तलेनोरस्यताडयत् ॥ २० ॥

sa muṣhṭiṁ pātayāmāsa hṛidaye daityapuṅgavaḥ devyāstaṁ chāpi sā devī talenorasyatāḍayat

हिंदी अर्थ

उस दैत्यराज ने देवी की छाती में मुक्का मारा, और देवी ने भी उसकी छाती पर एक चाँटा जड़ दिया।

भावार्थ

एक विचित्र रूप से निकट क्षण: मुट्ठी बनाम हथेली। ब्रह्मांडीय शस्त्रों का युद्ध हाथापाई बन गया है।