Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 13

शुम्भवध

मुक्तानि तेन चास्त्राणि दिव्यानि परमेश्वरी । बभञ्ज लीलयैवोग्रहुङ्कारोच्चारणादिभिः ॥ १३ ॥

muktāni tena chāstrāṇi divyāni parameśhvarī babhañja līlayaivograhuṅkārochchāraṇādibhiḥ

हिंदी अर्थ

और उसके चलाए दिव्य अस्त्रों को परमेश्वरी ने भयंकर हुंकार आदि के उच्चारण से खेल-खेल में ही नष्ट कर डाला।

भावार्थ

उसे उनके अस्त्रों का प्रतिकार करने के लिए शस्त्र चाहिए; उन्हें केवल एक ध्वनि। गीता प्रेस यहाँ "हू॰" पाठान्तर बताता है।