ततो मृगयाव्याजेन हृतस्वाम्यः स भूपतिः । एकाकी हयमारुह्य जगाम गहनं वनम् ॥ ९ ॥
tato mṛigayāvyājena hṛitasvāmyaḥ sa bhūpatiḥ ekākī hayamāruhya jagāma gahanaṁ vanam
हिंदी अर्थ
अपना प्रभुत्व खो चुके वे राजा शिकार के बहाने अकेले घोड़े पर सवार होकर एक घने वन में चले गए।
भावार्थ
"शिकार के बहाने" एक शांत, मानवीय विवरण है: राजा यह स्वीकार नहीं कर सकता कि वह भाग रहा है। भारतीय कथाओं में वन वह स्थान है जहाँ पुरानी पहचान छूट जाती है और कुछ नया शुरू हो सकता है।
