तत्सर्वं श्रोतुमिच्छामि त्वत्तो ब्रह्मविदां वर ॥ ६२ ॥
tatsarvaṁ śhrotumichchhāmi tvatto brahmavidāṁ vara
हिंदी अर्थ
हे ब्रह्मवेत्ताओं में श्रेष्ठ! यह सब मैं आपसे सुनना चाहता हूँ।"
भावार्थ
प्रार्थना सच्ची और पूर्ण है। आगे जो आता है, देवी के तीन महान चरित्र, वह ऋषि का उत्तर है।
