खण्डं खण्डं च चक्रेण वैष्णव्या दानवाः कृताः । वज्रेण चैन्द्रीहस्ताग्रविमुक्तेन तथापरे ॥ ४० ॥
khaṇḍaṁ khaṇḍaṁ cha chakreṇa vaiṣhṇavyā dānavāḥ kṛitāḥ vajreṇa chaindrīhastāgravimuktena tathāpare
हिंदी अर्थ
वैष्णवी के चक्र से दानवों के टुकड़े-टुकड़े हो गए, और ऐन्द्री के हाथ से छूटे वज्र से दूसरे मारे गए।
भावार्थ
गीता प्रेस यहाँ "खण्डखण्डं" पाठान्तर बताता है।
