Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 13

निशुम्भवध

छिन्ने चर्मणि खड्गे च शक्तिं चिक्षेप सोऽसुरः । तामप्यस्य द्विधा चक्रे चक्रेणाभिमुखागताम् ॥ १३ ॥

chhinne charmaṇi khaḍge cha śhaktiṁ chikṣhepa so’suraḥ tāmapyasya dvidhā chakre chakreṇābhimukhāgatām

हिंदी अर्थ

ढाल और तलवार कट जाने पर उस असुर ने शक्ति चलाई, और सामने आने पर देवी ने चक्र से उसके भी दो टुकड़े कर दिए।

भावार्थ

एक के बाद एक शस्त्र नष्ट होते हैं।