Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 43

रक्तबीजवध

कुलिशेनाहतस्याशु बहु सुस्राव शोणितम् । समुत्तस्थुस्ततो योधास्तद्रूपास्तत्पराक्रमाः ॥ ४३ ॥

kuliśhenāhatasyāśhu bahu susrāva śhoṇitam samuttasthustato yodhāstadrūpāstatparākramāḥ

हिंदी अर्थ

वज्र से घायल होने पर उसके शरीर से बहुत-सा रक्त बहने लगा, और उससे उसी के समान रूप और पराक्रम वाले योद्धा उत्पन्न हो गए।

भावार्थ

हर घाव से उसके और रूप बनते हैं। गीता प्रेस यहाँ "तस्य" पाठान्तर बताता है।