तुण्डप्रहारविध्वस्ता दंष्ट्राग्रक्षतवक्षसः । वाराहमूर्त्या न्यपतंश्चक्रेण च विदारिताः ॥ ३६ ॥
tuṇḍaprahāravidhvastā daṁṣhṭrāgrakṣhatavakṣhasaḥ vārāhamūrtyā nyapataṁśhchakreṇa cha vidāritāḥ
हिंदी अर्थ
वाराही के थूथन के प्रहार से नष्ट होकर, उनके दाँतों के अग्रभाग से छाती छिदवाकर, और चक्र से विदीर्ण होकर वे गिर पड़े।
भावार्थ
वाराही वराह की तरह थूथन और दाँतों से लड़ती हैं।
