बलावलेपादथ चेद्भवन्तो युद्धकाङ्क्षिणः । तदागच्छत तृप्यन्तु मच्छिवाः पिशितेन वः ॥ २७ ॥
balāvalepādatha chedbhavanto yuddhakāṅkṣhiṇaḥ tadāgachchhata tṛipyantu machchhivāḥ piśhitena vaḥ
हिंदी अर्थ
पर यदि बल के घमंड में तुम युद्ध चाहते हो, तो आओ, मेरी शिवाएँ (योगिनियाँ) तुम्हारे मांस से तृप्त हों।'"
भावार्थ
चुनाव उनका है: शांति या विनाश।
