चण्डे च निहते दैत्ये मुण्डे च विनिपातिते । बहुलेषु च सैन्येषु क्षयितेष्वसुरेश्वरः ॥ २ ॥
chaṇḍe cha nihate daitye muṇḍe cha vinipātite bahuleṣhu cha sainyeṣhu kṣhayiteṣhvasureśhvaraḥ
हिंदी अर्थ
जब चण्ड दैत्य मारा गया, मुण्ड भी गिरा दिया गया, और बहुत-सी सेनाएँ नष्ट हो गईं, तब असुरों के स्वामी
भावार्थ
अध्याय 8 रक्तबीज की कथा है, वह असुर जो अपने ही रक्त से अनेक हो जाता है। यह मातृकाओं, "माताओं", का भी परिचय देता है, जो देवी के साथ युद्ध करती हैं।
