माहेश्वरी वृषारूढा त्रिशूलवरधारिणी । महाहिवलया प्राप्ता चन्द्ररेखाविभूषणा ॥ १६ ॥
māheśhvarī vṛiṣhārūḍhā triśhūlavaradhāriṇī mahāhivalayā prāptā chandrarekhāvibhūṣhaṇā
हिंदी अर्थ
माहेश्वरी बैल पर आरूढ़ होकर, श्रेष्ठ त्रिशूल धारण किए, महानागों के कंगन पहने और चन्द्ररेखा से विभूषित होकर वहाँ आईं।
भावार्थ
माहेश्वरी, शिव की शक्ति, नंदी बैल पर सवार हैं।
