अतिविस्तारवदना जिह्वाललनभीषणा । निमग्नारक्तनयना नादापूरितदिङ्मुखा ॥ ८ ॥
ativistāravadanā jihvālalanabhīṣhaṇā nimagnāraktanayanā nādāpūritadiṅmukhā
हिंदी अर्थ
बहुत विशाल मुख, लपलपाती जीभ से भयानक, भीतर धँसी हुई और लाल आँखों वाली, अपनी गर्जना से दिशाओं को भरती हुई।
भावार्थ
लपलपाती जीभ, जो काली के चित्रों से परिचित है, पहली बार यहीं आती है।
