तावानीतौ ततो दृष्ट्वा चण्डमुण्डौ महासुरौ । उवाच कालीं कल्याणी ललितं चण्डिका वचः ॥ २६ ॥
tāvānītau tato dṛiṣhṭvā chaṇḍamuṇḍau mahāsurau uvācha kālīṁ kalyāṇī lalitaṁ chaṇḍikā vachaḥ
हिंदी अर्थ
वहाँ लाए गए उन महादैत्यों चण्ड और मुण्ड को देखकर कल्याणमयी चण्डिका ने काली से मधुर वचन कहे:
भावार्थ
प्रचण्ड काली और कोमल चण्डिका आपस में बात करती हैं: एक ही देवी के दो रूप।
