Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 23

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

केशेष्वाकृष्य बद्ध्वा वा यदि वः संशयो युधि । तदाशेषायुधैः सर्वैरसुरैर्विनिहन्यताम् ॥ २३ ॥

keśheṣhvākṛiṣhya baddhvā vā yadi vaḥ saṁśhayo yudhi tadāśheṣhāyudhaiḥ sarvairasurairvinihanyatām

हिंदी अर्थ

उसे बाल पकड़कर या बाँधकर लाओ; और यदि युद्ध में कोई संदेह हो, तो सब असुर सब आयुधों से उसका वध कर दें।

भावार्थ

शुम्भ अब उनके वध की अनुमति देता है, इस बात का संकेत कि कामना की जगह भय ले रहा है।