Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 20

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

श्रुत्वा तमसुरं देव्या निहतं धूम्रलोचनम् । बलं च क्षयितं कृत्स्नं देवीकेसरिणा ततः ॥ २० ॥

śhrutvā tamasuraṁ devyā nihataṁ dhūmralochanam balaṁ cha kṣhayitaṁ kṛitsnaṁ devīkesariṇā tataḥ

हिंदी अर्थ

यह सुनकर कि देवी ने धूम्रलोचन असुर को मार डाला और उसके सिंह ने सारी सेना नष्ट कर दी,

भावार्थ

समाचार शुम्भ तक पहुँचता है, और उसका क्रोध बढ़ता है।