Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 16

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

कांश्चित् करप्रहारेण दैत्यानास्येन चापरान् । आक्रम्य चाधरेणान्यान् स जघान महासुरान् ॥ १६ ॥

kāṁśhchit karaprahāreṇa daityānāsyena chāparān ākramya chādhareṇānyān sa jaghāna mahāsurān

हिंदी अर्थ

उसने कुछ दैत्यों को पंजों की मार से, कुछ को जबड़ों से, और कुछ महादैत्यों को होंठ से पटककर मार डाला।

भावार्थ

गीता प्रेस इस श्लोक के अनेक पाठान्तर बताता है ("आक्रान्त्या", "चरणेनान्यान्", और क्रिया के तीन रूप)।