परमैश्वर्यमतुलं प्राप्स्यसे मत्परिग्रहात् । एतद् बुद्ध्या समालोच्य मत्परिग्रहतां व्रज ॥ ११४ ॥
paramaiśhvaryamatulaṁ prāpsyase matparigrahāt etad buddhyā samālochya matparigrahatāṁ vraja
हिंदी अर्थ
मेरा वरण करने से तुम्हें अतुलनीय परम ऐश्वर्य मिलेगा। अपनी बुद्धि से यह विचार करके मेरी पत्नी बन जाओ।'"
भावार्थ
वह उन्हें "ऐश्वर्य" देने को कहता है, उन्हीं को जो सब ऐश्वर्य का स्रोत हैं।
