Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 5, श्लोक 10

देव्या दूतसंवाद

रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः । ज्योत्स्नायै चेन्दुरूपिण्यै सुखायै सततं नमः ॥ १० ॥

raudrāyai namo nityāyai gauryai dhātryai namo namaḥ jyotsnāyai chendurūpiṇyai sukhāyai satataṁ namaḥ

हिंदी अर्थ

रौद्रा, नित्या, गौरी और धात्री को बारंबार नमस्कार; ज्योत्स्नामयी, चन्द्ररूपिणी और सुखस्वरूपा देवी को सदा नमस्कार।

भावार्थ

प्रचण्ड ("रौद्रा") और सौम्य (चाँदनी, सुख) साथ-साथ हैं, जैसा पूरी सप्तशती में है।