Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 7

महिषासुरवध

सिंहमाहत्य खड्गेन तीक्ष्णधारेण मूर्धनि । आजघान भुजे सव्ये देवीमप्यतिवेगवान् ॥ ७ ॥

siṁhamāhatya khaḍgena tīkṣhṇadhāreṇa mūrdhani ājaghāna bhuje savye devīmapyativegavān

हिंदी अर्थ

उसने तीखी धार वाली तलवार से सिंह के सिर पर वार करके देवी की बाईं भुजा पर भी बड़े वेग से प्रहार किया।

भावार्थ

चिक्षुर स्वयं देवी पर वास्तविक प्रहार करता है, और अगला श्लोक दिखाता है कि क्या होता है।