Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 20

महिषासुरवध

बिडालस्यासिना कायात्पातयामास वै शिरः । दुर्धरं दुर्मुखं चोभौ शरैर्निन्ये यमक्षयम् ॥ २० ॥

biḍālasyāsinā kāyātpātayāmāsa vai śhiraḥ durdharaṁ durmukhaṁ chobhau śharairninye yamakṣhayam

हिंदी अर्थ

तलवार से उन्होंने बिडाल का सिर धड़ से अलग कर दिया, और दुर्धर तथा दुर्मुख दोनों को बाणों से यमलोक भेज दिया।

भावार्थ

गीता प्रेस बताता है कि कुछ प्रतियों में यहाँ दो श्लोक और हैं, जो अन्य सेनापतियों के वध का वर्णन करते हैं।